हमे हिंदुस्तान का सिपाही चाहिए ।

     @मे हिंदुस्तान का सिपाही चाहिए @

    देश का रखवाला हर राही चाहिए ।
    हमे हिंदुस्तान का सिपाही चाहिए ।।

    जो करे निज देश मे शांति का प्रचार
    दृढ़ प्रतिज्ञ हो करे जान  को  निसार
    जो उठाये  दृग तो उठे  नजर  हजार
    तूफ़ां से रुके नही  वो मौसमी  बहार
    आजाद सा दोस्त, भगत भाई चाहिए ।
    हमे  हिंदुस्तान  का  सिपाही  चाहिए ।।

    जो करे सदा विफ़ल दुश्मनों के कहर
    जो भरे हुँकार तो काँपने  लगे  शहर
    काफ़िलों को चीरता चल पड़े निरंन्तर
    देश प्रेम के लिये  जिये मरे  उमर भर
    उस अग्रसर की अब अगुवाई चाहिए ।
    हमे  हिंदुस्तान  का  सिपाही  चाहिए ।।

    हौसलें बुलंद हों  जमीं  आसमान  से
    हिफ़ाजत जो करे  देश की ईमान  से
    जीतता हो  जिंदगी जंग के  मैदान से
    आज तो मिलूंगा मैं बस उसी इंसान से
    आजादी की  फिर  से  लड़ाई चाहिए ।
    हमे  हिंदुस्तान  का  सिपाही  चाहिए ।।

    बदल दें हवाएँ रूख़ जिसके नाम  से
    ज़लज़ला उठने लगे  जंग मे एलान से
    वीरता हृदय  में हो न कि  जुबान  से
    अब यही उम्मीद है मुझे उस जवान से
    सिंहनाद कर  उठे  सहनाई  चाहिए ।
    हमे  हिंदुस्तान का  सिपाही चाहिए ।।

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